खबरों की खबर
    11 hours ago

    यज्ञ के धूम से संभव है जलवृष्टि – प्रो. रामहित त्रिपाठी

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के संस्कृत, पालि, प्राकृत एवं प्राच्य भाषा विभाग एवं पं० गङ्गानाथ झा…
    कविता
    19 hours ago

    मैं और मेरी मंज़िल

    मुझे लगता है जैसे मेरा कोई नहींकी मुझे अकेलापन बहुत सताता हैये एकांत तक का…
    Literature
    2 days ago

    AND I STILL TRUST MEN!

    I am 6 months oldIn my mother’s lapWho has some scars on her backSince the…
    कविता
    2 days ago

    अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु

    अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु मैं अपनी मंजिल के विश्वास को जीतुख़ुद पर रख…
    कविता
    2 days ago

    सफर

    आज एक नन्ही कलीइस दुनिया में आई थी बाबा के गले से लिपटी वहमां की…
    Literature
    2 days ago

    Hello, to the people

    Hello, to the people, Those who are not true about themself They prefer making fun…
    कविता
    2 days ago

    पर इश्क था वो मेरा

    एक सुहानी शाम बेच करसहर का आफताब लाई हूं।समझौते की मंजिल को छोड़कररास्तों से चुन…
    कविता
    2 days ago

    एक नए दौर की

    ये खूबसूरत ,गहरे ,अपने अंदर युगों से एक इतिहास को देखते, सुनते हुएकितना कुछ अपने…
    Literature
    5 days ago

    The words from my silence

    The words from my silence,Has stopped the violence.Everyone says it’s difficult to be a women,But,…
    आलेख
    5 days ago

    …सोचो ज़रा, अगर न होते बच्चे…

    तो कौन होता, माँ-बाप का दुलारा।और कौन बनता इनके, बुढ़ापे का सहारा।। …सोचो ज़रा, अगर…
      खबरों की खबर
      11 hours ago

      यज्ञ के धूम से संभव है जलवृष्टि – प्रो. रामहित त्रिपाठी

      इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के संस्कृत, पालि, प्राकृत एवं प्राच्य भाषा विभाग एवं पं० गङ्गानाथ झा पीठ के संयुक्त तत्त्वावधान में…
      कविता
      19 hours ago

      मैं और मेरी मंज़िल

      मुझे लगता है जैसे मेरा कोई नहींकी मुझे अकेलापन बहुत सताता हैये एकांत तक का सफ़र,शायद मुझे नहीं भाता हैअब…
      Literature
      2 days ago

      AND I STILL TRUST MEN!

      I am 6 months oldIn my mother’s lapWho has some scars on her backSince the first night of my birthShe…
      कविता
      2 days ago

      अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु

      अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु मैं अपनी मंजिल के विश्वास को जीतुख़ुद पर रख भरोसा हमेशा आगे बढ़ता रहूंजीवन…
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