आलेख

“विश्व पृथ्वी दिवस”

__सुषमा श्रीवास्तव

हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस या अंतरराष्ट्रीय मातृ पृथ्वी दिवस मनाया जाता है, पूरे विश्व में पृथ्वी को बेहतर बनाने के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पृथ्वी दिवस मनाया जाएगा, 22 अप्रैल को मनाए जाने वाले पृथ्वी दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट कर पर्यावरण संरक्षण हेतु अपना सहयोग देने के लिए प्रेरित करना है।
पृथ्वी दिवस एक वार्षिक आयोजन है, जिसे 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है।


             राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण नागरिकता और साल भर उन्नति को बढ़ावा देने के लिए 1970 में पृथ्वी दिवस नेटवर्क की स्थापना पहले पृथ्वी दिवस के आयोजकों के द्वारा की गयी। पृथ्वी दिवस के नेटवर्क के माध्यम से, कार्यकर्ता, राष्ट्रीय, स्थानीय और वैश्विक नीतियों में परिवर्तनों को आपस में जोड़ सकते हैं। अन्तराष्ट्रीय नेटवर्क 174 देशों में 17,000 संस्थानों तक पहुँच गया है, जबकि घरेलू कार्यक्रमों में 5,000 समूह और 25,000 से अधिक शिक्षक शामिल हैं, जो साल भर कई मिलियन समुदायों के विकास और पर्यावरण सुरक्षा कार्यकर्ताओं की मदद करते हैं।
            आज की स्थिति में विश्व के 192 देश इस कार्यक्रम में भागीदारी करते हैं। एक पृथ्वी को वैश्विक रूप से संरक्षित करने का प्रयास है।
हम सब को मिल कर पर्यावरण की चुनौतियों मसलन ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के खिलाफ लामबंद और जैव- विविधता संरक्षण के प्रति संकल्पित होना होगा। इसके लिए तत्काल अपने आचार-व्यवहार में बदलाव लाना होगा। हेरिटेज फाउंडेशन सरीखी वन एवं पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली दूसरी संस्थाओं को भी इसे जनान्दोलन बनाने के लिए आगे आना होगा।
इस पृथ्वी दिवस पर ये लीजिए संकल्प

  1. प्रतिबंधित प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें।
  2. परिवार में खुशियों के हर मौके पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।
  3. घर, शौचालय और बाथरूम की सफाई में एसिड का इस्तेमाल न करें बल्कि बायो क्लीनर का इस्तेमाल करें।
  4. अपनी गाड़ियों की समय से मरम्मत कराएं ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो, प्रदूषण जांच नियमित कराएं।
  5. डीजी जेनसेंट के बजाए बिजली के लिए सोलर ऊर्जा स्टोरेज को प्राथमिकता प्रदान करें।
  6. बाग बगीचे में गिरी पत्तियों और घर से निकले कचरे को आग न लगाए बल्कि उससे हरित खाद बनाएं।
  7. घर में टपकने वाले प्रत्येक नल को ठीक कराएं। बिना वजह पीने वाले पानी को बर्बाद न करें।
  8. घर में आरओ प्लांट से निकलने वाले पानी को एकत्र कर उसे दूसरे कार्यो में इस्तेमाल करें।
  9. बारिश के जल को संरक्षित करने का प्रयास करें,उसका इस्तेमाल करें, अन्यथा भूमिगत रिचार्ज बढ़ाए।
  10. फसलों में खरपतवार प्रबंधन और कीट प्रबंधन में जैविक कीटनाशक का इस्तेमाल करें।
  11. संकल्प ले कि प्रकृति को क्षति पहुंचाने वाली कोई भी गतिविधि नहीं करेंगे।

  12. धन्यवाद!
    राम राम जय श्रीराम!

  13. लेखिका – सुषमा श्रीवास्तव
    रुद्रपुर, उत्तराखंड।
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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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