आलेखसाहित्य

हिंदी का अपमान बर्दाश्त नही

          कवि संगम त्रिपाठी
  जबलपुर मध्यप्रदेश -- (विज्ञप्ति)

प्रेरणा हिंदी प्रचार सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री के. पोनमुडी ने जो कहा कि जो लोग पानी पूरी बेचने में लगे हैं वे हिंदी भाषी है अशोभनीय टिप्पणी है।
       पानी पूरी बेचने वाला या अन्य व्यवसाय करने वाले शिक्षित अपनी जीविका चला रहे हैं इसमें कौन सा गलत कर रहे हैं हिंदी भाषी हर क्षेत्र में व्यवसाय कर रहे हैं किसी भी विशेष भाषा को लेकर ऐसी बयानबाजी ठीक नहीं है।
      सभी भाषाओं का हम सम्मान करते हैं और उच्च शिक्षण प्राप्त लोग भी नौकरी न पाने की स्थिति में कोई भी व्यवसाय करने लगते हैं इसमें गलत क्या है। अंग्रेजी आज भी देश में राज कर रही है सिर्फ ऐसी ही गुलाम मानसिकता के कारण जो अपनी भाषा संस्कृति को स्वयं सम्मान नही देते है।आज भी देश में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी है और इसे सभी धर्म के लोग बोलते हैं।
    कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि  देश की सरकार को अविलंब हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित कर राष्ट्रीय गौरव प्रदान करना चाहिए जिससे हिंदी को आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में यथोचित सम्मान मिल सके।
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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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