आलेख

अच्छी आदतें

नम्रता श्रीवास्तव

मनुज देह पाकर भी मनुज धर्म अपना ना सकें,
दुर्लभ मानव तन पाकर भी किंचित लाभ उठा ना सके।

मानव होने से कुछ नहीं मनुजता तुम अपनाओ,
धर्मों के बंधन को तोड़ो इंसानियत का धर्म अपनाओ।

प्रेरणा मिलेगी तुम्हें होगी कार्य करने में सहायक,
अच्छी आदतें बनेगी जीत की राह में सहायक।

अच्छी आदतें बेशुमार हैं जीवन का आधार बनाओ,
बनो दूसरों के लिए आदर्श, जन्म अपना सफल बनाओ।

दिनचर्या से करें अच्छी आदतों की शुरुआत,
सर्वप्रथम वंदन करो प्रथम गुरु पितु मात्।

नित्य कर्म के बाद करो तुम व्यायाम,
रोग विकार दूर रहेंगे बनेंगे बिगड़े काम।

सकारात्मक सोच से करो दुश्मन को परास्त,
कीमत समझो समय की करो इसे आत्मसात्।

अच्छी आदतें जिसने सीखी सफल है उनके काम,
उनको यह सारी दुनिया करती है कर- जोर प्रणाम।

रचना✍️
नम्रता श्रीवास्तव (प्र०अ०)
प्रा०वि० बड़ेहा स्योंढा
क्षेत्र-महुआ,जिला-बांदा

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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