लघु कथा

  • “सकारात्मक सोच”

    __डॉ.सारिका ठाकुर “जागृति” मैं कक्षा में पढ़ा रही थी। तभी मैंने एक अंलकार का उदाहरण देते हुए अपनी एक रचना…

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  • विश्व परिवार दिवस

    बृजकिशोरीशर्मा जी मेरे पडोसी है।उनके परिवार मे पति पत्नि और एक लड़का शनि था।बडा़ एडवांस परिवार था।मेरा परिवार बडा़ था…

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  • खुशी का राज

    __(प्रवेंद्र पण्डित) रमन मायूस मन लिए पैदल ही कारखाने से घर की तरफ निकल पड़ा। मन में विचारों का मंथन…

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  • घंटा विशेषज्ञ

    __ © भुवनेश्वर चौरसिया “भुनेश” विशेषज्ञ डाक्टरों की फीस जनरल फिजिशियन से कुछ ज्यादा होती है।एक बार छगन बीमार हुआ…

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  • कलयुग में नेकी

    अंजु दास गीतांजलि सच ही प्रतित हो रहा था उस वक्त उसे कि इस कलयूग में नेकी करना कितना मंहगा…

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  • अनोखेलाल

    भुवनेश्वर चौरसिया “भुनेश” सवारी के नाम पर एकमात्र साइकिल जो अनोखेलाल की एक मात्र संपत्ति थी।शादी ब्याह हुआ नहीं सो…

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  • बँटवारा

    __स्वरचित।बृषभानुजा एक किसान परिवार था खेती बारी अच्छी थी किसान के चार बेटा एक बेटी थी।तीन बेटे पढ़ने में अच्छे…

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  • गलतियां या कोशिशें?

    __पल्लवी माथुर मां! तुमसे कितनी बार कहा है कि मुझे सब्जी छोटी नहीं बड़ी कटोरी में दिया करो? और यह…

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  • पिता, परवरिश और प्रयास

    __डॉ. रीना रवि मालपानी चन्द्रशेखर की सहजता और सरलता कान्हा के प्रति देखते ही बनती थी। ऑफिस से आने के…

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  • बुजुर्गों का सम्मान

    __सुधीर श्रीवास्तव       बीते समय में बुजुर्गों का सम्मान करना एक परंपरा ही थी, जिस पर आज आधुनिकता का रंग…

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