ग्राम टुडे ख़ास

अंजु दास गीतांजलि की ग़ज़लें


🌹गज़ल1🌹

किसी रोज मुझको दगा तो न दोगे।
कहीं दिल लगा के भुला तो न दोगे।

अकेली कहीं रह न जाऊँ कहीं मैं।
सुनो तुम किसी दिन रुला तो न दोगे।

लगें डर मुझे सोच के हर घड़ी अब।
कहीं नींद मेरी उड़ा तो न दोगे।

बनाया तुम्हें साथी हम-दम जो मैं ने।
जुदाकर के मुझको सज़ा तो न दोगे।

न जीना मुझे बिन तुम्हारे पिया सुन।
मुहब्बत के बदले जफ़ा तो न दोगे।

ग़ज़ल- 2

नशीहत बेटियों के लिए

तुम्हारे चाहनेवाले बहुत होंगे
जी भर कर देखनेवाले बहुत होंगे।

माना की हुस्न के होंगे पुजारी भी
बदन से खेलनेवाले बहुत होंगे।

क़दर होती नहीं है अब मुहब्बत की
कि अस्मत लूटनेवाले बहुत होंगे।

झूठी तारीफों से दिल जीत लेते हैं
फरेबी दिलजलेवाले बहुत होंगे।

तुम्हें खुदको बचाकर रखना है अंजू
नज़र से नोचनेवाले बहुत होंगे।

अंजु दास “गीतांजलि”….✍️

पूर्णियाँ बिहार

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One Comment

  1. हार्दिक धन्यवाद आपका दि ग्राम टुडे अखबार

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