ग्राम टुडे ख़ास

अटल बिहारी आपको शत शत बार प्रणाम

कंचनपाठक

कवि हृदय वक्ता प्रखर
वह व्यक्तित्व महान ।
देशभक्त साहस परम
अद्भुत जिनकी आन ।
ओजस्वी हिन्दी कवि
झुकना नहीं कबूल ।
तिलक बना जिनका सदा मातृभूमि की धूल ।
एक हाथ में लेखनी
तीखी जिसकी धार
दुश्मन पानी मांग ले
सुनकर शब्द प्रहार ।
वतन न भूलेगा कभी
भूलेगा संसार
सदा मिलेगा आपको
भारत माँ का प्यार ।
ॠणि रहेंगे आपके
भारत की संतान
अटल बिहारी आपको
शत शत बार प्रणाम ।

  • कंचन पाठक.
    ग्रेटर कैलाश.
    नई दिल्ली.
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