ग्राम टुडे ख़ास

आओ मिलकर पेड़ लगाए

ललिता पाण्डेय

आओ मिलकर पेड़ लगाए
पुनः स्वच्छ हवा खुशहाली वापस लाए
मिलगें प्रकृति और अम्बर एक छोर में
ऐसा अनुमान कर हम हर्षित हो जाए।

आओं मिलकर पेड़ लगाए
पथिकों के लिए राह बनाए
पक्षियों के लिए घर सजाए
इन्द्रधनुष सा वन-उपवन हो
आओ मिलकर धरा को महकाए।

प्रकृति का हम मान बढ़ाए
जलसंकट न हो धरा में
पहले से ही सतर्क हो जाए
आक्सीजन की फिर से न किल्लत हो
धरा की हरियाली वापस लाए
आओ मिलकर पेड़ लगाए।

रोक लो जंगलो की आग को
न बनने दो पतझड़ अपने संसार को
चिमनियों के धुएँ की घुटन का
न बनो शिकार स्वयं ही
आओं मिलकर पेड़ लगाए।

मिला सबक हम सबको है
पुनः न मिलन इस विपदा से हो
आस यही रखनी है अगर
तो मिलकर एक वृक्ष लगाओ
अपने बच्चों को कुछ तो देकर जाओ
आओ मिलकर एक पेड़ लगाओ।

जितना लिया है उसका कुछ अंश तो
वापस कर जाओ
एक पेड़ तो जरूर लगाओ
जो रहे अनादिकाल तक
हमारे जाने के बाद भी।

ललिता पाण्डेय

दिल्ली

100% LikesVS
0% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!