ग्राम टुडे ख़ास

आशावादी शुरुआत

डॉ.सारिका ठाकुर “जागृति”

पढ़ने वाला हर हाल में
पढ़ हीं लेता है
चढ़ने वाला निरन्तर शिखर
चढ़ हीं लेता है
हौसला विहीन इंसान बहाना
गढ़ हीं लेता है
और आलस रूपी जड़ता में
गहरे जड़ हीं जाता है।

आशावादी मुश्किल में भी
अवसर ढूंढ ही लेता है
और निराशावादी को हर अवसर में
मुश्किल ही दिखता है।

नीरसता के माहौल में
सुकून की ऊर्जा होती है सुप्त
प्रयत्नशीलता के अभाव में
प्रतिफल नहीं मिलते हैं उपयुक्त।

कुछ तो लोग कहेंगे
इस बात पर मंथन ठीक नहीं
शुभ शुरुआत किये बिना
शुभ अंत पर चिंतन ठीक नहीं।

डॉ.सारिका ठाकुर “जागृति”
सर्वाधिकार सुरक्षित
ग्वालियर (मध्य प्रदेश)*

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