ग्राम टुडे ख़ास

कुमारी मंजू मानस की कलम से

मेरे पापा महान


पापा आप मेरे आन बान शान हो
आप हमारे जीवन मे ख़ुशियों के खान हो
आपसे ही है मेरी जिंदगी की सुबह शाम
मेरी हर खुशी हर जज्बात की आपसे है पहचान

💐💐💐💐💐*
बचपन से अब तक
मेरी हर विश पूरी करने वाले
लड़के और लड़की में कभी
भेद कभी नही धरने वाले
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अंदर से कोमल
बाहर से सख्त हर पल रहने वाले
मेरी जीवन के पथ प्रदर्शक
मेरे दोस्त मेरी माँ के बाद दूसरे गुरु
सिर्फ आप ही कहलाने वाले है
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मेरे जीवन की डुबती नैया
हर मझधार से बचाने वाले खेवैया
मेरे पापा मेरी शान हो आप
मैं आपकी बेटी मेरे अभिमान है आप
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,***
कभी धूप कभी छाँव बनकर
कभी पत्थर कभी कोमल हाथों में पलकर
मुझे हर रूप दिखाया है आपने अपने
मेरी इस दुनियाँ में पहचान बनाये है आपने
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मेरे दिल के हर जज्बात हो आप
आपके बिना नही होती मेरी खुशियाँ
मेरी ख़ुशियों की हर सौगात हो आप
आपसे होती मेरी हर पल खुशियाँ
मेरी हर दुनियाँ में आबाद हो आप
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हर दुख देखा हर गम सहा लेना आपको देखा
फिर भी कभी किसी से नही कुछ कह लेना
आपसे ही मेरी सुबह शाम है आप
आप ही से मेरी जिंदगी का नाम है
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बचपन मे भी दुख सहा आपने
कभी किसी से कुछ नही कहा आपने
बुढापा आया तो सो बीमारी आई
कभी ढंग की खुशियाँ खुद के लिये नही मनाई
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हर पल हर सुख का साया बनकर
अपने सर पर हाथ आपका पाया
आपदोनो जैसा भगवान इस सृष्टि में नही आया
हमने आपको इस दुनियाँ में भगवान के रूप में पाया
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गरीबी में रहकर भी हमसबको
इस काबिल बनाये आप
अपने पैर पर खडा होकर
जीवन के हर पल को हम मुस्कुरायें
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आप हैं मेरी हर आन बान शान
आपसे ही होती मेरी जहां में पहचान
आप ही हो ये दुनियाँ आप ही है जँहा हो मेरे आप
आपसे मेरी खुशियाँ आपसे ही है मेरा संसार
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भगवान हो आप दोनों हमारे
इस दुनियाँ में सबसे प्यारे
आपसे ही है मेरे जिंदगी की शाम
आप से ही मेरी जिंदगी की अहम
मैं ही है दोनो मेरे इस दुनियाँ के भगवान

भगवान के रूप

डॉक्टर्स होते है भगवान
इनकी होती सेवा महान
भगवान से होती इनकी पहचान
मंदीर मस्जिद नही इनका कोई घर
अस्पताल है इनका मन मंदीर घर
उजले कपड़े मीठे बोल से होती
इनकी पहचान
हर वक़्त हर हाल में करते
ये हर मरीज का उत्थान
बिना रुके बिना झुके करते रहते हरदम
पावन पुनीत नित्य हर कर्म
सच्ची लगन से जीवन भर सेवा का धर्म
इनकी सेवा होती है स्वार्थहीन
इंसानियत का फर्ज निभाते हरपल
कस्ट सह कर भी ये जीवन को बचाते
दुख की बदरी में सूर्य किरण दिखलाते
हर इन्शान के दिल मे
जीवन का लौ जगाते
मरीज की हालत देख हर जब हम घबराते
लेकिन डॉक्टर ही है इस कंडीशन को देख इलाज कर जाते
इसलिए डॉक्टर भगवान कहलाते है

मुहब्बत

वो जब भी मुहब्बत मुहब्बत मुझसे करता है ।
जब देखो उसका दिल मुझपे ही फिदा रहता है।।

सोंचु सुबह शाम दिल के गुलशनो के बागों में ।
लेकिन वो मेरे दिल के करीब कब ठहरता है ।।

उसकी आशिकी में ये दिल जब देखो सँवरता है।
उसके मुहब्बतों का काफिला मुझपे ही ठहरता है ।।

जब उसकी आशिकी का लब से ये फूल निखरता है।
उसकी मुहब्बतों का महक हर गली से गुजरता है।।

धीरे धीरे उसके प्यार का नशा जब उतरता है ।
इस दिल का कतरा कतरा दिल से उभरता है ।।

जब धोखे से प्यार में वो धीरे धीरे दिल कुतरता है ।
तब प्यार का नशा सबकी जिंदगी से उतरता है ।।

कुमारी मंजू मानस
स्वरचित सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनांक। 24/6/2021

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