ग्राम टुडे ख़ास

जिंदगी की कड़वाहट मिटा दो.

मृदुला कुशवाहा

जिंदगी की कड़वाहट मिटा दो.
कब किससे आखिरी मुलाकात हो?

बिगड़े रिश्तों में फिर से मिठास घोल लो
क्या पता वह आपकी की राह देख रहा हो.

सारी नफ़रत भूला दो
सबको माफ कर दो.

कौन अपना कौन पराया है,
यहाँ, सबकी मदद कर दो.

ऐसा मुश्किल समय आया है
जिससे हम बातें करने के लिए
टाइम ना निकाल पा रहे हैं,

और वह अचानक दुनिया से रूखसत हो जा रहा है.

अपनी कीमती समय से कुछ समय चुरा लो
अपनो के लिए, जरा पुछ लो खैरियत.

यह मुश्किल समय भी गुजर जायेंगा
अपनों पराये सबका साथ दे दो.

इंसान बनकर इंसानियत का फर्ज निभा दो.
जब इंसान ही नहीं रहेंगा, क्या करेंगे अकेले रहकर.

इस विपदा में एकजुट होकर लड़ना होगा, कोरोना से.

कोई भूखा ना सोये, ये हम सबकी भी जिम्मेदारी निभानी होगी.

इंसान ही इंसान को बचा लो.
कोरोना मुक्त देश कर लो.

जिंदगी की हर नफरत भूला दो
दुश्मनी भी भूला दो.

सबकी मददगार बन जाओ.

जिंदगी की हर नफरत भूला दो.
ना कोई आक्सीजन से मरें
ना कोई लापरवाही से जान गंवाएं.
जिंदगी की कड़वाहट मिटा दो.
लूटना छोड़ दो.
इंसान बचा लो
जिंदगी की हर नफरत भूला दो.

मृदुला कुशवाहा
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

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