ग्राम टुडे ख़ास

तुम ही तुम

सुनीता जौहरी

पास रहो या दूर रहो तुम
दिल मेरा तुमको चाहेगा
जब तक धड़कन में सांसे
यह हृदय गीत तेरे गाएगा

मन मंदिर में तुम ही तुम हो
जीवन का संगीत तुम्ही हो
सूने-सूने मेरे इस जीवन के
प्राणप्रिय मनमीत तुम्ही हो

तन्हा-तन्हा थी मेरी दुनिया
आकर मन बगिया महकाया
सोएं -सोएं सारे अरमान थे
छूकर तुमने अरमान जगाया

अपने निश्चल प्रेम से सदा
मन की प्यास बुझाती रहना
देकर अहसासों की पोटली
हृदय में ज्योति जलाती रहना ।।


सुनीता जौहरी
वाराणसी उत्तर प्रदेश

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