ग्राम टुडे ख़ास

नंदिनी लहेजा की कलम से

उम्मीद पर दुनिया कायम है

कर्मपथ पर निरंतर हम थक से जाते हैं
जब मिलती असफलताएं हम हार से जाते है
खिन्नता के भाव से मन बोझिल सा लगता है
जीवन में फिर कुछ खाली सा लगता है
ना हार तू उम्मीद बन्दे,न डिगा विश्वास
उम्मीद पर तो कायम है दुनिया,
जो करती हर तम का नाश
जब कभी निराशा का अँधेरा,
तुझको बहुत ही सताने लगे
उम्मीद को ना छोड़ना तुम,
भले थोड़ा समय लगे
उम्मीद की रोशनी तुझे,
जीवन में जीने की शक्ति देती है
उम्मीद पर दुनिया कायम है,
यही सीख हमको देती है

रंग बदलती दुनिया

इस दुनिया के हम इंसां है
लोगों की जुबां का किस्सा है
पल पल जो रंग बदलती है दुनिया
उन रंगो का इक हिस्सा है
ये रंग होते कभी तारीफों के
कभी निन्दाओं में नम होते
कभी द्वेष भरा होता इनमें
कभी अनगिनत इसमें गम होते
इन सब रंगो से सरोबार सा
रहता है हर इंसान का जीवन
कभी ख़ुशी से उछल सा जाता है
कभी दुःख से गिरता है जीवन
जिस रंग में तेरा जीवन होता
उस रंग में संग तेरे दुनिया
सच हो कहा है किसी ने
पलपल रंग बदलती है दुनियां
गर चाहे रंग सच्चाई के
तुझे नेकी में खुद को रंगना होगा
इस रंग बदलती दुनियां
अच्छाई के रंगो से भिगोना होगा

क्षमा दान महादान

मानव क्या है पुतला गलतियों का
नित दिन गलतियां करता रहता
कभी सीखता गलतियों से अपनी
कभी बनने देता उन्हें गुनाह
जो न पछताता गलतियों से अपनी
अंत में वह अकेला रह जाता है
और जो समय रहते मांगता,
अपनी गलतियों की क्षमा
वह विपरीत परिस्थितियों से तर जाता है
अब यह हम पर दे क्षमादान,
गर किसी ने हमें कभी दुखाया
पश्चाताप को समझें उसके,
भूलें बैर और जो कहा सुनाया
क्षमादान है सबसे बड़ा दान,
जिससे जीवन किसी का है बदल सकता
छोड़ गुनाहों की दलदल,
है उसका जनम संवर सकता
मत यह भूल हम से भी होती है अनेकों गलतियां
करें पश्चाताप सुने मन की आवाज़ मांगें अपनों से क्षमा

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक

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