ग्राम टुडे ख़ास

पर्यावरण

ब्रम्हाकुमारी मधुमिता ‘सृष्टि’

आओ सुन्दर धरा सजाएं
इंद्रधनुषी रंगों से आसमां सजाएं
गंगा की पावनता वापस लाएं
वायु को शुद्ध प्रदूषण मुक्त बनाएं

आओ पेड़ लगाएं
ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाएं
उजड़े हुए वनों को फिर से बसाएं
बंजर धरा को फिर से उर्वर बनाएं

ना बाढ़ होगी, ना सुखा पड़ेगा
ना भोजन का विश्व में अकाल पड़ेगा
ना महामारी फैलेगी न मानव बदहाल होगा

आओ पेड़ लगाएं
शुद्ध पर्यावरण बनाएं
हर संकट से विश्व को बचाएं
वह पावन दुनिया फिर से बसाएं
प्रकृति की सुंदरता वापस लौटाएं

आओ सुंदर धरा सजाएं
इंद्रधनुषी रंगों से आसमां सजाएं गंगा की पावन ता वापस लाएं वायु को शुद्ध प्रदूषण मुक्त बनाएं

मैं घोषणा करती हूं कि मेरी यह रचना मौलिक स्वरचित और अप्रकाशित है|

✍✍

ब्रम्हाकुमारी मधुमिता ‘सृष्टि’
पूर्णियां (बिहार)
madhurashmi40@gmail. com

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