ग्राम टुडे ख़ास

प्रेम और स्पर्श

शिखा अरोरा

प्रेम और स्पर्श मन को छूने की शक्ति है ,
एक सुखद, प्यारा, गुदगुदाता सा एहसास है |

प्रेम में तन का ही स्पर्श हो,
यह जरूरी तो नहीं |
जरूरी तो है अपने प्रियजन को ,
बिन छुए हुए एहसास दिलाना |

मीरा ने प्रेम किया था कान्हा को,
राधा ने प्रेम में श्याम को पुकारा |
कन्हैया का प्रेम तो जगजाहिर ही है ,
बिना स्पर्श किए ही प्रेम में तारा |

रूप और सौंदर्य से भी ऊपर होता है ,
प्रेम और स्पर्ष का भाव |
छुअन भी जरूरी हो कहीं तो,
अलग होते सबके एहसास है |

माँ का स्पर्श बच्चे को सुकून दिलाता,
प्रियतमा का स्पर्श मन को हर्षाता |
बहन का स्पर्श आशीष बन लुटाता ,
भाई का स्पर्श संबल दिलाता |
बाप का किया स्पर्श डर को मिटाता ,
स्पर्श करें धरती को तो देश भक्ति जगाता |

प्रेम और स्पर्श का होता,
मीठा एहसास है |
दोनों अलग होकर भी ,
पूरक हैं एक दूसरे के |
मौन होते हुए भी ,
बात करते हैं एक दूसरे से |

अभिव्यक्त करने के लिए,
शब्द नहीं है मेरे पास |
इसको गहराई से जो समझे,
सौगात है मेरे पास |

शिखा अरोरा

(दिल्ली)
9818617061

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