ग्राम टुडे ख़ास

भजन

राजेश प्रजापति

बडे अधर्म सहे बडे पाप सहे
तुने सहया बडा दुराचार..

बड़े अधर्म सहे बडे पाप सहे
तुने सहया बडा दुराचार..
अब किस गलती पे रूठ गया..

अब किस गलती पे रूठ गया
दुनिया के पालन हार
के दुनिया उजड गई..
के दुनिया उजड गई

उजड गई कई हस्ती रे जिन्दगी
उजड गए कई सुआग…

उजड गई कई हस्ती रे जिन्दगी
उजड गए कई सुआग…
विराने से लग्न लगे
जिन्दगी के सारे राग..
एक बार फिर माफी रे दे दे

एक बार फिर माफी रे दे दे
दुनिया के पालन हार
के दुनिया उजड गई
के दुनिया आ आ उजड गई..

सुनी सडके सुनी रे राहे
सुना सुना संसार दिखे
सब फेल हुआ कुदरत के रे आगे
न ज्ञान चले न विज्ञान चले..

सुनी सडके सुनी रे राहे
सुना सुना संसार दिखे
सब फेल हुआ कुदरत के रे आगे
न ज्ञान चले न विज्ञान चले
सब मौत के घाट तो तरने रे लगे

सब मौत के घाट तो तरने रे लागे
पर तरे न कोए सागर पार…

एक बार फिर माफी रे दे दे

एक बार फिर माफी रे दे दे
दुनिया के पालन हार
के दुनिया उजड गई
के दुनिया आ आ उजड गई

राजेश प्रजापति (बरेली)
मो 7500700862।।

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