ग्राम टुडे ख़ास

युवा पीढ़ी के शौक़ पर माँ बाप को ध्यान देना चाहिए

भावना ठाकर


बड़े होते ही बच्चें खुद को आज़ाद और समझदार समझने लगते है, उनको लगता है कि हम अब कुछ भी कर सकते है, पर दुनिया की मानसिकता और गंदगी से अन्जान होते है। खासकर लड़कियों को हर कदम फूंक-फूंककर रखने का ज़माना है। आए दिन हम ऐसे हादसों के बारे में सुनते है, देखते है, पढ़ते है जिसमें लड़कियों के साथ छेड़छाड़ जबरदस्ती और बलात्कार होते है। समाज भले 21वीं सदी की दहलीज़ पर खड़ा लड़कियां आज भी सुरक्षित नहीं।
आजकल की युवा पीढी ज़िंदगी के मजे लेने के मूड़ में होती है। और अब तो बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों के लड़के-लड़कियां भी पीछे नहीं। ऐसे में लेट नाइट पार्टी का क्रेज़ बहुत देखने को मिल रहा है। पर ऐसी पार्टियां कितनी सेफ़ है ये सोचे बगैर लड़कियां अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ निकल पड़ती है, जिसका परिणाम कभी-कभी ज़िंदगी बर्बाद कर देता है। ऐसी कई पार्टियों में शराब, सिगरेट, चरस, गांजा भी सरेआम परोसा जाता है। और हम सुनते भी है पढ़ते भी है कि ऐसी पार्टियों में लड़कियों के साथ जबरदस्ती होती है।
लेटनाइट पार्टियों में युवाओं को एक-दूसरे से खुल कर मिलने का मौका मिलता है। ऐसे में कई बार युवाओं के कदम बहकने का खतरा भी होता है। यह लड़कीयों पर भारी भी पड़ सकता है। खासकर लड़कियों के लिए ऐसी पार्टियां खतरे से खाली नहीं। छेड़छाड़, बलात्कार और किडनैपिंग की संभावना भी नकारी नहीं जाती।
इसलिए जरूरत इस बात की है कि लेटनाइट पार्टी में लड़कियां ब्वॉयफ्रेंड के साथ समझदारी के साथ मौजमस्ती करें। पार्टी में मौजमस्ती बुरी नहीं होती पर मौजमस्ती किसी समस्या का कारण न बन जाए इस बात का ख़याल रखना जरूरी होता है। और माँ बाप का भी फ़र्ज़ बनता है कि अगर आपकी बेटी लेट नाइट पार्टी में जा रही है तो वहाँ के माहौल की जाँच पड़ताल कर लें, जगह कौनसी है, वहाँ का स्टाफ़ कैसा है और किसके साथ जा रही है। पब्स, होटल्स या कहीं भी हो शहर से बाहर ना हो इस बात का भी ध्यान रखें।
लेटनाइट पार्टी का क्रेज हर किसी को होता है। वैलेन्टाइन डे और न्यू यर के मौके पर युवा पीढ़ी लेट नाइट पार्टियों में जाना पसंद करती है। टीनएजर्स इस के खास ही दीवाने होते हैं पर टीनएजर्स निदान भी तो होते है। पहले इस तरह की पार्टियां खास अवसरों पर ही आयोजित होती थीं। अब इन पार्टियों का आयोजन किसी न किसी बहाने होता ही रहता है। टीनएजर्स को भी ये पार्टियां इसलिए अच्छी लगती हैं क्योंकि इन के जरिए वे जिंदगी के मजे अपने दोस्तों के साथ लेना चाहते है। इन पार्टियों में खूब हल्लागुल्ला और शोरशराबा के साथ बहुत कुछ होता है।
बेशक ज़िंदगी जश्न मनाने का नाम है, पर किसी भी चीज़ का एक हद में रहकर मजा लिया जाए तो बेहतर होगा।
(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु

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