ग्राम टुडे ख़ास

रहे पिया सलामत

मंजूमानस

मैं सज गई साजन तेरे लिये ,आज
शुभ घड़ी आई ,मनाऊं मैं ,
करवा चौथ का ,व्रत करूँ मैं ,साजन तेरे ही साथ
तुझको देखु ,चाँद को देखू ,तेरा प्यार मैं जग में पाऊं
मेहंदी लगाऊं ,कंगन पहनू, तुझपे ही मैं प्यार लुटाऊँ
तेरे बाँहो में, हमदम मैं ,सिमट के रह जाऊँ बस तेरे ही साथ
तेरे सिवा जग में मैं ,कभी किसी से ना नेह लगाऊं
तेरे संग जिना है तेरे संग मरना है ,
तुमको ही हर सांस में साजन ,सात जन्म तक रखना है चाँद से अमृत की बरसात
प्यार की हर डोर सलामत रंहे साजन तेरे ही संग तेरे साथ
तेरे प्यार में भींग जाये साजन मेरे हर अंग जो हो प्यार का प्यारा रंग
पति का प्यार है पाती ,अपनी मांग सजाती मैं
मेहंदी लगाती ,सोलह श्रृंगार सजाती ,
तेरी बगियाँ महकाती मैं
प्रियतम तेरे प्यार में ,खुद को, समर्पित करती जाती मैं,
चाँद को देखूं तुमको देखूं व्रत को पूर्ण करती मैं आज
तेरे हाथों से मिश्री घोल,का पानी मीठा मुँह करती पिया
तेरे प्यार तेरे चरणों मे खुद को अर्पित करती पिया
रंहे सलामत साजन मेरे मैं सजनी तेरी कहलाऊँ
तेरी हर बलाइयाँ मैं तो लेकर खुद ही मर ही जाऊँ
तेरी दुवायें हरपल मांगू तुझसे पहले मैं मर जाऊँ
सौभाग्यवती सौभाग्यशाली मैं इस जग में तेरी ही कहलाऊँ
घर आँगन सदा सलामत रहे हमारा ऐसा वर माँगूं
पिया सलामत सपने सलामत मैं भी सलामत तेरे संग पिया की बगियाँ सलामत
कारवाँ चौथ पे और क्या माँगूं पिया का हर दुनियाँ सलामत रखना तुम भगवान
मेरे जीवन की डोर सलामत बस आशीर्वाद में भरना तुम

कुमारी मंजू मानस
बिहार शिक्षक
छपरा सारण बिहार

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