ग्राम टुडे ख़ास

लोकतंत्र की भौगोलिक महिमा

श्रीकांत यादव

जय हिंद जय भारत का नारा है ।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

मस्तक मुकुट हिमालय सोहे,
पांव पखारता महासागर मोहे,
भुज आसाम बाहु करारा है ।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

कलकल छलछल नदियां बहतीं,
मध्य मैदान को सींचा करतीं,
अविरल गंगा यमुना की धारा है ।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है ।।

अरब सागर मां का बदन धुलाता,
बंगाल सागर मलमल नहलाता,
हिंद महासागर बड़ा प्यारा है।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

अरुणांचल की अरुणिम लालिमा,
दक्षिण भारत की अनुपम महिमा,
समुद्र तटों से सजा किनारा है।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

थार रेगिस्तान की रेत चमकती,
देवभूमिं की वादियां गमकतीं,
डेल्टा का सुंदर वन बड़ा न्यारा है।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

कर्नाटक में चन्दन के वन,
हरते मन कच्छ के रन,
हिमाचल नयनों का तारा है।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

बंगाल हमारी शान जहां,
पंजाब अन्न का स्थान यहां,
हरियाणा खेलों से वारा है।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

दिल्ली देश के दिल बसी,
राजस्थान में बसे हंसी खुशी,
गोवा में गम भी हारा है।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

बैंगलोर की बुद्धि नई,
अर्थतंत्र की रीढ़ मुंबई,
जहां खेल पैसों का सारा है।
सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र हमारा है।।

श्रीकांत यादव
(प्रवक्ता हिंदी)
आर सी-326, दीपक विहार
खोड़ा, गाजियाबाद
उ०प्र०!

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