ग्राम टुडे ख़ास

वर्षा आह्वान गीत

गीता पांडे अपराजिता

हम स्वागत को तैयार तुम्हारे,
आंगन आओ मेघा प्यारे।
खुशियों की लाना भर सौगातें,
आंचल भरो हमारे।
तन धरा तपन से झुलस रहा है,
दे दो हमें सहारे मेघा।
दे दो हमें सहारे मेघा।
आओ मेरे द्वारे।।

कितना तेज उमस है देखो,
मिले कहीं ना राहत ।
उमड़ घुमड़ आ झूम के बरसो,
जन जन की यही है चाहत।।

सींच धरा जल जान बचा लो,
जान पड़ी है आफत ।
हम स्वागत को तैयार तुम्हारे,
कर दो वारे न्यारे मेघा,
दे दो हमें सहारे मेघा ।
आओ मेरे द्वारे।।

पपिहा दादुर मोर न बोले,
लगता जग सूना सूना ।
झींगुर रेऊवां चुप्पी साधे,
थम्हल शोर हर कोना ।।
नेह धार को धरा वार,
कर सबका दुख किनारे।
धरा तपन से झुलस रही है ,
दे दो हमें सहारे मेघा।
दे दो हमें सहारे मेघा।
आओ मेरे द्वारे।।।

हरियाली भी नहीं दिखती,
पशु-पक्षी भी व्याकुल ।
पड़ीं दरारें हैं धरती में,
है किसान मन आकुल।।
झम झम झम झम बरस के बदरा,
सबकी तपन मिटा रे।
धरा तपन से झुलस रही है,
दे दो हमें सहारे मेघा।
दे दो हमें सहारे मेघा।
आओ मेरे द्वारे।।

जल भरि आओ काले बादल,
घनघोर वृष्टि कर जाओ।
खुशियों की लेकर सौगातें ,
मेरे वतन तुम आओ।
चहक उठे तन बदन चमन ये,
प्रेम की पड़े फुहारें ।
धरा तपन से झुलस रही है,
दे दो हमें सहारे मेघा।
दे दो हमें सहारे मेघा।
आओ मेरे द्वारे।।
आओ मेरे द्वारे।।।
गीता पांडे अपराजिता

रायबरेली उत्तर प्रदेश

9415 7188 38

100% LikesVS
0% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!