ग्राम टुडे ख़ास

विचार वाणी

उदय किशोर साह

क्रोध में निर्णय ना कीजीये
क्रोघ की निर्णय देत हानि
मन चित्त को शांत राखिये
संयम राखिये नीज वाणी

मात पिता की सलाह मानिये
बिना मूल्य के हैं ज्ञानी
उचित अनुचित पहचानिये
विराम दें अपनी मनमानी

सदा सत्य पथ अपनाईये
सत्य में होत ना कभी हानि
असत्य की दलदल है
डुब जाता है महाज्ञानी

अपना सबको मानिये
जग है एक प्रेम कहानी
बहते बहते दिन गुजारिये
सुख दुःख की है रवानी

मन में बैर ना पालिये
बैरी में खुद की हानि
भाईचारा अपनाईये
जग है प्रेम दीवानी

अच्छी निगाहों से झांकिये
सब है अपनी ही नानी
बुरी चश्मा उतारिये
इज्जत अगर है बनानी

मद की दरिया में ना तैरिये
तेज रफ्तार में है बह जानी
परहेज बुराई से राखिये
इज्जत जग में है पा लेनी

अभिमान से खुद को बचाईये
डुबा देती ये सब कहानी
सदाचार ही अपनाईये
सम्मान की उपज है जॉनी

उदय किशाेर साह
मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
9546115088

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