ग्राम टुडे ख़ास

साहित्य संगम संस्थान पंचम वार्षिकोत्सव पर कार्यक्रम संयोजक आ. कुमार रोहित रोज ने जताया आभार…

साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के स्वर्णिम पंचम वार्षिकोत्सव को चार दिन बहुत धूम धाम से मनाया गया। कार्यक्रम के संयोजक राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आ.कुमार रोहित रोज जी ने बताया कि यह कार्यक्रम सबके लिए चार दिन का था किंतु उनके लिए पिछले 15 दिन इसी में निकले कि किस प्रकार इस उत्सव को ऐतिहासिक बनाया जाए | कुमार जी ने कार्यक्रम की रूप रेखा बनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष आ. राजवीर सिंह मंत्र जी से स्वीकृति ली। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को संशय था कि इतना वृहत कार्यक्रम कैसे सफल होगा। किंतु कुमार जी को अपने संयोजन पर भरोसा था। फलतः चारों दिन उत्सव मनाने का उत्साह कम नहीं हुआ। कार्यक्रम में चार चांद लगाने हेतु देश विदेश के गणमान्य साहित्यकार मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। अंतर्राष्ट्रीय कवि डॉ राकेश सक्सेना जी , आ.अशोक चौधरी जी पूर्व न्यायाधीश ,आ.प्रशांत करण जी पूर्व आई पी एस अधिकारी,आ.नरेश द्विवेदी, आ. छगनलाल गर्ग विज्ञ जी, आ.घनश्याम सहाय जी प्रसिद्ध व्यंग्यकार, आ.मीना भट्ट जी पूर्व न्यायाधीश, डाॅ. वाचस्पति कुलवंत जी संस्थापक डी ए वी स्कूल्स ,आ.शैलेंद्र खरे सोम जी,आ.सुमेश सुमन जी सुविख्यात कवि,आ.छगन लाल मुथा जी (आस्ट्रेलिया), प्रो.(डाॅ.) अनूप प्रधान जी जैसे आदि की उपस्थिति सफलता को खुद बयां करती है। कार्यक्रम को चार दिनों में विभाजित किया गया। प्रत्येक दिवस को विशिष्ट नाम देकर खूबसूरती दी गई। प्रथम दिवस ‘उत्कर्ष’, द्वितीय दिवस ‘परिकल्पना’, तृतीय दिवस ‘नज़रिया’, चतुर्थ दिवस क्षितिज व इनके संचालन को भी रचनात्मक तरीके से आकार दिया। डाॅ. विनोद वर्मा दुर्गेश जी, डाॅ. दवीना अमर ठकराल जी, आ.जय श्रीकांत जी एवं आ.वंदना नामदेव राजे जी ने बेहद शानदार संचालन क्रमश: किया| कार्यक्रम को चार दिन रखने का मकसद ही था कि संगम का हर एक कवि शायर, लेखक, रचनाकर इसमें भाग लेकर संगम को आत्मसात कर सके। जैसा सोचा था वैसा ही हुआ भी। 2 जुलाई से भावों का सैलाब ऐसा उमड़ा की चार दिन तक थमने का नाम ही नहीं लिया। देश विदेश के रचनाकारों आ.अर्चना श्रीवास्तव (मलेशिया), आ.छगन लाल मुथा (ऑस्ट्रेलिया), आ.अनिता सुधीर आख्या (अमेरिका) ने भाग लेकर अपना उत्साह दिखाया। जैसे जैसे कार्यक्रम आगे बढा साहित्यकारों का जोश भी बढता दिखा। प्रत्येक दिवस के अतिथियों को अभिनंदन पत्र वंदना करने वालों व प्रतिभाग करने वालों को बेहद खूबसूरत सम्मान पत्र दिये गये। जिन्हे पाकर साहित्यकारों की खुशी का ठिकाना न रहा। इस वार्षिकोत्सव में 500 से अधिक साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
प्रतिदिन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना, गणेश वंदना, गुरु वंदना, संगम गीत, भजन आदि से हुई जिससे उत्सव का मौहल संगीतमय हो जाता था तत्पश्चात राज्य की इकाइयों के अध्यक्षों के उद्बोधन, सचिवों के आलेख, पंच परमेश्वर की रचनाएं, अलंकरणकर्ताओं के एक से एक सुंदर अलंकरण से मंच दुल्हन की भांति दिखाई दिया। वार्षिकोत्सव की कवरेज के लिए मीडिया सहयोगियों का भरपूर सहयोग मिला जिन्होनें प्रचार प्रसार में कोई कमी नहीं छोडी। देश भर के 12 पत्रकारों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। अंतिम दिन जिनका हृदय से आभार व श्रेष्ठ पत्रकार सम्मान से सम्मानित किया गया। समस्त मीडिया सहयोगियों से भविष्य में सहयोग की हार्दिक इच्छा भी जताई। कुमार जी ने राष्ट्रीय सह अध्यक्ष आ.मिथलेश सिंह मिलिंद जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया जिन्होंने प्रतिदिन समाचार बनाकर पत्रकारों को दिए जिससे प्रतिदिन का उत्साह जन जन तक पहुंच पाया। कुमार जी ने साहित्य संगम संस्थान के कर्णधार राष्ट्रीय अध्यक्ष आ. राजवीर सिंह मंत्र जी के संबल और हौसलाअफजाई की भूरि भूरि प्रशंसा की जिनके मार्गदर्शन से ही यह कार्यक्रम संयोजित होकर ऐतिहासिक बना। अंत में उन्होंने संपूर्ण साहित्य संगम संस्थान का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सबके सहयोग, लगन, समर्पण ने ही पंचम वार्षिकोत्सव को शानदार बनाया। यह वार्षिकोत्सव किसी भी मंच का सर्वाधिक प्रसिद्ध और सफलतम समारोह रहा। इसके लिए हर सहयोगी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बधाई के पात्र हैं।

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!