ग्राम टुडे ख़ास

सुंदरकांड

शिखाअरोरा

सुंदरकांड की महिमा अपरंपार,
रामचरितमानस का हैं ये आधार |
विघ्न सारे दूर होते सुंदरकांड से,
एकाग्रता चली जाती इसके अभाव से |
हनुमान भक्ति का आसान स्रोत हैं ये ,
राम जी को मनाने का सार ओतप्रोत हैं ये |
सुंदरकांड का पाठ तो अभेद हैं,
संत महात्माओं से मिलता ये भेद हैं |
भक्ति भाव होता इसकी अनमोल धरोहर,
संजीवनी लाने को पार किया मारूति ने सरोवर |
समुद्र को लांघ कर पहुंचे थे वह लंका ,
आज नाम है जिस जगह का श्रीलंका |
सोने की नगरी को जलाया था हनुमान ने ,
राम नाम की अंगूठी सीता के लिए दी राम ने |
पवित्रता का इसकी कोई मोल क्या लगाएगा ,
हनुमत जैसा भक्त कहांँ कोई हो पाएगा |
सात कांडों में सबसे श्रेष्ठ माना इसको जाता ,
व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास यह जगाता |
जब परीक्षा ली श्री राम ने हनुमान की,
पवनपुत्र ने कोशिश की फाड़ने की सुंदरकांड |
हनुमान को श्री राम जितना महान क्यों बताया ?
यह सोच सोच कर बजरंगबली को गुस्सा आया |
श्री राम ने दर्शन दे महाबली को ये बताया ,
प्रभु राम ने सुंदरकांड को खुद लिखवाया |
सामर्थ्य इतनी कहांँ थी भक्त हनुमान में ,
बजरंगबली बोले सुंदरकांड सबसे,
प्यारा होगा मुझे संसार में ||

शिखा अरोरा (दिल्ली)

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