ग्राम टुडे ख़ास

स्वाभीमान

डॉ प्रमोद कुमार प्रेम नजीबाबाद

मित्रो जिंदा वही है
जिसका स्वाभिमान है जिंदा
मात्र सांस लेना ही
नहीं संकेत जीवन का
स्वाभिमान
सुरक्षित रह सकता तभी
जब हम सब लोग करें
मानवीय गुणों का समावेश
न केवल व्यवहार में
अपने चरित्र में भी
परोपकार त्याग
निस्वार्थ भाव से काम करना
कर्तव्य परायणता
सेवा अहिंसा
ईमानदारी है जरूरी
स्वाभिमान को पोषित
करने हेतु .जिंदा रखने हेतू
यदि इनमें से कोई भी
गुण खोता है कहीं
होता हैआहत स्वाभिमान
वह सभी विभूतियां
लिया जाता है नाम जिनका
भारतीय सांस्कृतिक
विरासत के इतिहास में
बहुत सम्मान के साथ
समेटे हैं अपने चारित्रिक गुणों में
सभी सांस्कृतिक गुणों की धरोहर
यदि हमें भी करना है
अपने देश का हित
हमें भी बनाना है भारत को अग्रणी
हम भी प्यार करते हैं अपने देश से
तो आइए अपने चरित्र में करें
इन सभी मानवीय गुणों का समावेश जो जरूरी है इबादत से भी ज्यादा प्रार्थना से भी कहीं अधिक
दुआ से भी भी ज्यादा
हैं हमेशा असरकारी
यह सभी कुछ
सामाजिक हित
के लिए


डॉ प्रमोद कुमार प्रेम

नजीबाबाद बजनौर

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