ग्राम टुडे ख़ास

9 सितंबर को मनाया जायेगा हरितालिका तीज जाने शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि

इस वर्ष हरितालिका का ब्रत 9 सितंबर 2021 गुरुवार को है। इस दिन चित्रा नक्षत्र के साथ विशेष संजोग बन रहा है इसके साथ ही रवियोग बन रहा है, मान्यता है कि इस शुभ संयोग में व्रत और पूजन करने से सुहागिनों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है।
बेहद कठिन माना जाता है हरितालिका तीज व्रत:- इस दिन सुहागिनें पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए निराहार और निर्जला व्रत रखती हैं, हरतालिका तीज को हिंदू धर्म में सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, मान्यता है कि यह व्रत अत्यंत शुभ फलदायी होता है, हरतालिका तीज को हरियाली तीज भी कहते हैं।
हरितालिका तीज पर रवियोग:-इस वर्ष हरितालिका तीज पर 14 साल बाद रवियोग चित्रा नक्षत्र के कारण बन रहा है, तृतीया तिथि 8 सितंबर बुधवार रात्रि – 03 : 59 से अगले दिन 9 सितंबर गुरुवार को रात्रि – 02 : 14 मि. तक रहेगा।
हरतालिका तीज व्रत का पूजा का अति शुभ समय शाम 05 बजकर 03 मिनट से शाम को 06 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। दूसरा शुभ समय 06 बजकर 30 मिनट से 08 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
हरतालिका तीज महत्व:-
हरतालिका तीज व्रत करने से पति को लंबी आयु प्राप्त होती है, मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुयोग्य वर की भी प्राप्ति होती है, संतान सुख भी इस व्रत के प्रभाव से मिलता है।
हरितालिका तीज पूजा विधि:-

  1. हरितालिका तीज में श्रीगणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
  2. सबसे पहले मिट्टी से तीनों की प्रतिमा बनाएं और भगवान गणेश जी को तिलक करके दूर्वा अर्पित करें।
  3. इसके बाद भगवान शिव को फूल, बेलपत्र और शमिपत्री अर्पित करें और माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
  4. तीनों देवताओं को वस्त्र अर्पित करने के बाद हरितालिका तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
  5. इसके बाद श्रीगणेश की आरती करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारने के बाद भोग लगाएं…..!!

आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”

100% LikesVS
0% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!