कवितासाहित्य

अक्षय तृतीया

गीता देवी

अक्षय तृतीया का दिवस है पावन,
अवतरित हुई आज अन्नपूर्णा माता।
आज खिलाओ भूखों को भोजन,
करता जो दान माँ को वह भाता।।

आज ही के दिन हुए अवतरित,
सबके परमपूज्य भगवान परशुराम।
सभी भक्त जन्म दिवस मनाते,
प्रेम से लेते परशुराम का नाम।।

प्रात उठकर करें स्नान ध्यान,
लक्ष्मीपति का पाओ वरदान।
करना है यदि माता को खुश,
भोज्य पदार्थों दें होगा कल्यान।।

धर्म- कर्म पूजा, यज्ञ,अनुष्ठान,
करने से सबका भरता भण्डार।
सुख -समृद्धि जीवन में आती ,
सोई किस्मत के खुलते सब द्वार।।

करो गाय की सेवा हृदय से,
रोटी गुड़ और खिलाओ चारा।
हो अक्षय पुण्य की होगी प्राप्ति,
मिले जातक को शुभ फल सारा।।

दान करें जलपात्र का लोगो,
मिट्टी का बर्तन उत्तम मानो।
घड़ा सुराही या हो कुछ और,
अक्षय तृतीया का सार जानो।।

गीता देवी
औरैया, उत्तर प्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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