साहित्य

अटल-बिहारी

वर्तिका अग्रवाल

हिंद-देश के नेता है वे,अटल-बिहारी कहलाते।
जन्म ग्वालियर में था उनका,प्रीति-राग जग सिखलाते ।।

अविवाहित आजीवन ही थे,पत्रकार,शिक्षक न्यारे ।
कोकिल जैसी मधुवाणी में,देते भाषण अति प्यारे ।।
मंत्र-मुग्ध हो संसद सुनता,नहीं झूठ से बहलाते।
हिंद-देश के नेता है वे,अटल-बिहारी कहलाते ।

लड़े लड़ाई आज़ादी की ,बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते ।
कोमल उर वाले कृष्णा सुत,प्रीति-राह हर क्षण देते।।
पक्ष-विपक्ष सभी भूले पद,प्रेम-मंत्र कवि बतलाते।
हिंद देश के नेता है वे,अटल बिहारी कहलाते।।

परमाणु परीक्षण जय-गाथा,जय- भारत की मजबूती ।
दिल्ली से लाहौर ‘सदा-ए,सरहद’ बोले मधु तूती ।।
भारत रत्न मिला गुरुवर को ,मोदीजी गुरु जस गाते ।
हिंद-देश के नेता है वे, अटल-बिहारी कहलाते।।… ….

वर्तिका अग्रवाल ,

वाराणसी, उ.प्र.

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