कवितासाहित्य

अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु

अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु

मैं अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु
ख़ुद पर रख भरोसा हमेशा आगे बढ़ता रहूं
जीवन की नई कठिनाईओं को मैं पार करूँ
रख अपने विश्वास की एक कलम को
हर कोरे पन्ने पर अपने जीवन का इम्तिहान लिखूं

मैं अपनी मंजिल के संकल्प को पार करूँ
रास्ते मे जो भी मिले उसे सहज स्वीकार मानूँ
इस राह पर अपने मन , ऊर्जा को हमेशा सर्व रखूँ
मैं अपनी मंजिल के विश्वास को अटल रखूँ

अपनी दृढ़ राहों में सफलता की नींव का निर्माण करूँ
मिटाकर अंधरे को प्रतिदिन सूरज की किरणों का स्वागत करूँ
ख़ुद के दिल में विश्वास की जीत का एक दीपक जलाऊँ
मैं अपनी मंजिल की राहों में दूसरों का भी विश्वास जगाऊँ

मैं अपनी मंजिल के विश्वास को जीतु

-डिम्पल कुमारी प्रजापत

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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