साहित्य

ए .पी .जे. अब्दुल कलाम

गीता पांडे अपराजिता

बचपन अभावों बीता पर किये बड़े काम ।
निष्ठा लगन से पहचान बना गए कलाम।।

पद्म भूषण भारत के बेटे भारत रत्न पाकर ।
बच्चों के बीच में प्यार बांटते ले जाकर।
विज्ञान के शिखर पर ऊंँचा किए थे नाम।।
निष्ठा लगन से पहचान बना गये कलाम।।

सारा विश्व हुआ अचंभित देखकर मिसाइल,
वतन परस्ती की राह चले अपनी स्टाइल।
महामहिम राष्ट्रपति बन किए काम तमाम।
निष्ठा लगन से पहचान बना गए कलाम।।

राजनीति या ज्ञान विज्ञान सब में आगे,
फर्ज निभाते रहे कर्म से कभी नहीं भागे।
मन से तुम्हें पूजती भारत की आवाम।
निष्ठा लगन से पहचान बना गए कलाम।।

मिसाइल मैन के नाम से जग जाने गये,
बच्चों के बीच में सदा ही प्रिय खूब भये।
कलम से कमाल करने वाले तुझे सलाम।
निष्ठा लगन से बनी कमाल कर गए कलाम।।

अंतिम सांँसो तक तुमने था फर्ज निभाया,
भारत माता का जीते जी कर्ज चुकाया।
सद्भावना दीप जला गीता करे प्रणाम।
निष्ठा लगन से अपनी पहचान बनाने कलाम।।

गीता पांडे अपराजिता रायबरेली उत्तर प्रदेश

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