कवितासाहित्य

ऐ दिल सुन जरा

__अनुराधा प्रियदर्शिनी

जिंदगी की मुश्किलों से घबराया नहीं करते
हर किसी को अपने दुखड़े सुनाया नहीं करते

मेहनत से काम करने से घबराया नहीं करते
आलस्य को अपना साथी बनाता नहीं करते

मुट्ठी में फिसलती रेत को पकड़ा नहीं करते
वक्त बहुत कीमती उसको गंवाया नहीं करते

मदद जब भी करो एहसान जताया नहीं करते
किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाया नहीं करते

तरक्की के लिए शार्ट-कट अपनाया नहीं करते
औरों की बुलंदियों पर जाने से जला नहीं करते

स्वरचित एवं मौलिक रचना

अनुराधा प्रियदर्शिनी
प्रयागराज उत्तर प्रदेश
50% LikesVS
50% Dislikes

Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!