कवितासाहित्य

क्या ही बोलें आपकों

__मुस्कान केशरी
मुजफ्फरपुर बिहार (एम. एस केशरी प्रकाशन की संस्थापक)

क्या ही बोलें आपकों,
परेशान होना आता है आपकों
लेकिन बात शेयर करना नहीं आता,
तकलीफ झेलना आता है आपकों,
लेकिन किसी कों बताना नहीं आता है ,
प्यार करना आता है आपकों,
लेकिन जताना नहीं आता ,
मेरा ख्याल रखना आता हैं आपकों ,
मगर खुद का ख्याल रखना नहीं आता है आपकों,
मेरे साथ रहना चाहते हों आप,
मगर आपकों बताना नहीं आता ,
खुद के सपना में मुझे बुलाते हों आप,
लेकिन सामने सें बुलाना आता नहीं ,
दुर सें हिम्मत दिखातें हों आप,
लेकिन पास आनें पें घबडा़तें हों आप,
फोटों कों हजार बार देखतें हो आप,
लेकिन सामने सें देखतें नहीं हों आप,
चोरी -चोरी चाहतें हों आप,
लेकिन सामने सें बताते नहीं आप,
और क्या ही बोलुँ आपकों ,
कुछ नहीं आता आपकों।।

मुस्कान केशरी
मुजफ्फरपुर बिहार (एम. एस केशरी प्रकाशन की संस्थापक)

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कुमार संदीप

अध्यापक सह लेखक । निवास स्थान- सिमरा(मुजफ्फरपुर) बिहार । विभिन्न साहित्यक पत्र पत्रिकाओं में निरंतर रचना प्रकाशन । कई साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित । वर्तमान में ग्रामीण परिवेश में अध्यापन कार्य सहित दि ग्राम टुडे मासिक व साप्ताहिक ई पत्रिका के अलंकरण का कार्य।

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