साहित्य

घायल

कुण्डलिया

__प्रीति चौधरी “मनोरमा”

घायल उर का है विहग, खोज रहा है चैन।
दुख से आहत आदमी, रोते हर-क्षण नैन।
रोते हर-क्षण नैन, देख यह जीवन धारा।
बिछड़े साथी-मीत, बने सब जैसे तारा।।
निशिदिन रहती प्रीति,ईश की बनकर कायल।
भरते झोली नाथ, हुआ जब मनवा घायल।।

प्रीति चौधरी “मनोरमा”
जनपद बुलंदशहर
उत्तरप्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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