कवितासाहित्य

चरण में शरण

__प्रभात गौर

चरण में शरण,हमको दे दो प्रभु।
ये जीवन अधूरा,तुम बिन प्रभु।।
चरण में शरण—–
हमें चाहिए ना,धन और दौलत।
हमें चाहिए ना,दुनिया कि रौनक।।
हमें अपने चरणों में,स्थान दे दो प्रभु।।।
चरण में शरण——
तुम्हारे बिना प्रभु,कुछ अच्छा लगे ना।
तुम्हारे शिवा कोई,और प्यारा लगे ना।।
तुम्हारे शिवा कोई,अब चाहत नही प्रभु।।।
चरण में शरण——-
खुशी चाहे गम दो,सब स्वीकार है।
तुम पर प्रभु ये,तो जीवन निसार है।।
ये तन मन जीवन,सब तुम्हारा प्रभु।।।
चरण में शरण——–
ये संसार सारा,तुम्हारा प्रभु है।
इस जगत के स्वामि,आप प्रभु है।।
मेरे अधरों पे नाम,सदा तुम्हारा प्रभु।।।
चरण में शरण——–



नाम:- प्रभात गौर
पता:- नेवादा जंघई प्रयागराज उत्तर प्रदेश।

50% LikesVS
50% Dislikes

Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Content is protected !!