कवितासाहित्य

जिओ और जीने दो यारो

__अमर सिंह राय

आओ हम सब, मिलकर के अब,
मानव हित के काम करें।

मन से द्वेष कपट निष्ठुरता,
निर्दयता का त्याग करें।
क्रोध-उग्रता, बैर-बुराई,
का जड़ से परित्याग करें।
मिला स्वरूप हमें मानव का,
मानवता का काम करें। आओ…

चिन्ता, क्रोध,लोभ,मोह,मद,
दूर करें सब मनोविकार।
हम सब मानव एक बराबर,
और बराबर हैं अधिकार।
दानव जैसी सोच रखकर,
न यह तन बर्बाद करें। आओ…

मानव मन मे तनाव लेकर,
घूम रहा है इधर-उधर।
मन अशांत तन रोग बुलाकर,
करता फिर उपचार निरन्तर।
जियो और जीने दो यारो,
इसी सूत्र पर काम करें। आओ…

सोचो क्या लेकर आये थे,
क्या लेकर के जाएँगे।
साथ न जाएगा धन,वैभव,
केवल कर्म ही जाएँगे।
कर सुकर्म उपकार सभी सँग,
‘अमर’ अपना नाम करें। आओ…

अमर सिंह राय
आलेखक
आकाशवाणी छतरपुर, म.प्र.

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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