कवितासाहित्य

जिन्दगी न मिले दोबारा


__चन्द्रकला भागीरथी

जिन्दगी न मिलेगी दोबारा।
इसके पल पल को।
खुशी से जीले तू यारा।।

जिन्दगी न………

तू सभी कर्म भी करेगा।
तू धूप छाव भी सहेगा।
जिम्मेदारीयो की गठरी।
भी तू उठायेगा।
अपने मन मंदिर में।
प्रभु को बसायेगा।
इस काम को तू कर ले प्यारा।

जिन्दगी न…..

पापों से दूर रहकर।
जीवन तू बितायेजा।
तभी तू कुछ पुण्य।
साथ ले जायेगा।
दुसरों को सुख देके।
तू खुश हो ले।
अपने स्वार्थ हित।
मत तू जीयेजा।
दुसरों का भी अब बन तू सहारा।

जिन्दगी न मिलेगी दुबारा।
इसके पल पल को।
सुख से जीले तू यारा।।

चन्द्रकला भागीरथी

धामपुर जिला बिजनौर उतर प्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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