साहित्य

जीवन की आपा धापी बाजपेयी जी

कुमारी मंजू मानस

25 दिसम्बर 1924 को ,भारत की भूमि पर !
जन्म लेकर ,मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में आये!!

उन्होंने पिता के रूप में कृष्णबाजपेयी! माता कृष्णा बाजपेयी के रूप में पाये!
जाने माने कबि ,खड़ी बोली बृजभाषा के रचियता उनके पिता थे कहलाये !!

परिवारिक वातावरण ,साहित्यिक एवम
काव्यमय ,होने के कारण काव्य रक्त रस में खुद को लिप्त हमेशा वो पाये!
कितनी सारी रचना कर इस जग में खुद का नाम कमाये!!

बचपन मे अद्भुत कविता लिखी, हिंदु तन मन हिन्दू जीवन !
जिसके कारण उनको पहचान मिली देश मे आन बाण और शान मिली !!
जिससे ये पता चला कि ,उनका रुझान देश हित मे ही था!

जीवन उनका संघर्षमय ,जीवन परिवर्तनशील परिस्थितियों ,को अपनाये!!
संघर्षमय जीवन ,राष्ट्रव्यापी आंदोलन ,जेल जल जीवन में अभव्यक्ति खुद को हर वक़्त वो पाये!!

जगजीत सिंह ने अटल जी की कविता का संग्रह कर ,एक ग़ज़ल का एल्बम भी निकाला!
उनकी कविता का संग्रह कर कर दिया देश में बोलबाला !!
अटल जी की बी .ए .की शिक्षा दीक्षा ग्वालियर के विकटेरियल कॉलेज में हुई थी!.
कानपुर के डी .ए .बी. कॉलेज से प्रथम श्रेणी में पास हुए!!
कानपुर में रहकर उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई कर पाये!

पढ़ाई को विराम दिया ,कर्तव्य निस्ठा से जुटकर संघ कार्य मे जुट पाये!!
सर्वोत्तमुखी विकास के कार्यो के कारण 2015 में भारतरत्न का सम्मान पाये!

1952में पहली बार लोकसभा का चुनाव लडकर हार कर भी हतोहसाहित नही हो पाए !
पर हिम्मत नही हारी थी,
1957 में दूसरी बार चुनाव लड़कर विजयी के रूप में लोक सभा मे आये!!

1957 से 1977 तक जनता पार्टी की स्थापना कर !
संसदीय दल के नेता कहलाये!!
1996 में प्रधानमंत्री की बागडोर संभाली!
वह चार दशक तक भारतीय संघ के सदस्य बन कर आये!
लोकसभा के दो बार निचले सदन में 10 बार ऊपरी सदन में अपनी पहचान बना पाये !
अपनी पूरी उम्र अविवाहित रंहे इस कारण वो भीष्मपितामह की पदवी पाये!!

अपनी दोस्त की पुत्री राजकुमारी कौल पिता बी .एन.कौल की पुत्री !
दत्तक पुत्री बना कर नामिता को अपने घर को लाये।!

वे 16 मई से 1जयम 1996 फिर तथा 1998 में
19मार्च 1999 में 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री के पद पर खुद को पदस्थापित पाया!
वे अविवाहित,वोजसवी पटूवक्ता सिंध हिंद कवि कहलाये !!

अग्नि दो परमाणु परिक्षण कर देश के लिये सहसा कदम उठाये !
अटल जी पहले विदेश मंत्री थे जो पहले संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कर

2009 में दिल का दौरा पड़ा बोलने में असमक्ष हो गये!
16 अगस्त 2018 को किडनी में इंफेक्सशन के कारण खुद इस जीवन से बच नही पाये !!

वे जीवन भर राजनीतिक भारत के सक्रिय रूप में खुद को कार्य किया !
अंतिम विदाई के रूप में इस दुनियाँ को छोड़ हो गये सदा पराये अपना भारत मे नाम किया !!

बेटी नमिता कौल ने मुखाग्नि मुखाग्नि देकर उनको अंतिम क्षण विदा किया ! हिन्दू रीति रिवाज के साथ मुख अग्नि भी दिया!!

कुमारी मंजू मानस
बिहार शिक्षक
छपरा सारण

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