कहानीसाहित्य

जीवन क्या है

कमला सिंह

ईश्वर का सबसे खूबसूरत तोहफा मनुष्य है मनुष्य का तन है और उसका जीवन है
जीवन के तपोवन जिसमें तप कर अपने जीवन को कुंदन बनाना अपने आप को सही दिशा देना है
जीवन एक ऐसा अभिनय मंच है जिसमें हर किसी को अपना किरदार निभाना कोई राम है तो कोई रावण कहीं भरत जैसा भाई है तो सीता जैसी नारी भी है संसार में सच है तब तो संसार चल रहा है हमे ईश्वर ने अपने अनेकों रूप में बार-बार सही दिशा चलने की सही जिंदगी जीने की कला सिखाएं त्याग तपस्या बलिदान से जिंदगी को कैसे सार्थक बनाते हैं
हमको अपने हर रूप में शिक्षा प्रदान किया राम ने त्याग कृष्ण प्रेम उर्मिला में भक्ति यही जीवन का यथार्थ है हमारा भी जीवन मैं भी बहुत सारी समस्याएं आती है और हम उसका समाधान करते हैं एक पेड़ हमको सब कुछ दे देता है और हमसे कुछ नहीं लेता अपने फल फूल तना लकड़ी सब कुछ फिर भी उसको खुशी होती है क्यों क्योंकि वह निस्वार्थ सेवा करता है वह जानता है कि जब लोग मेरे फल को खाएंगे तो उसमें जो बीज होगा लोग उसको फेंक देंगे और वही बीज फिर से मेरा स्वरूप धारण कर लेगा
मेरे जैस अनगिनत स्वरूप उत्पन्न हो जाएंगे दोस्तों जो निस्वार्थ मन से सेवा करता है उसको वह प्राप्त होता है जिसकी वह कल्पना नहीं कर पाता संसार में प्रेम की भाषा संसार में सब समझते हैं हर जीव जंतु पशु पक्षी प्रेम की भाषाओं को समझते प्रेम वह अथाह सागर है जिसमें हर कोई डूबना चाहता है प्रेम एक तपस्या एक पूजा निस्वार्थ रूप से किया गया प्रेम सेवा आराधना पूजा जीवन को उल्लास पूर्ण कर देता है जीवन हर कोई जीता है हर किसी के जीवन का एक लक्ष्य होता है उसे क्या करना है कैसे जीना है क्यों जीना जीवन बहुत खूबसूरत है बस उसे जीने की कला की कमी होती है
हम बहुत जल्दी टूट जाते हैं निराश हो जाते हैं परेशान हो जाते हैं नहीं हमें हर स्थिति में अपने आप को दृढ़ रखना है हम ऐसी जिंदगी जिए कि हम एक प्रेरणा बन जाए दुनिया में जितने भी महापुरुष महात्मा योगी हुए हैं उन्हें कितने कठिन जिंदगी जी तब जाकर आज संसार में उनका नाम है लोग उन्हें जानते हैं लालच मनुष्य की बहुत बड़ी कमजोरी कुछ लेकर नहीं आए हैं और ना कुछ लेकर जाएंगे बस प्यार के मीठे दो बोल रह जाएंगे यदि हमारे बीच भेदभाव ना हो छोटे बड़े अमीर गरीब की भावनाएं ना हो तो हम एक सच्चे मानव भगवान के मंदिर में कोई भी जाता है भगवान उनसे ही नहीं पूछते कि तुम किस जाति की है भगवान उन्हें अपने प्रति श्रद्धा आस्था प्रेम देखते हैं
हैं दोस्तों जीवन को जीने की कला जिसमें सीखें जीवन में कभी हार नहीं मानता
मस्त मौला जिंदगी जियो
प्यार बांटते चलो

कमला सिंह छत्तीसगढ़

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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