कवितासाहित्य

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा

__वीना आडवाणी तन्वी

दुनिया का दस्तूर हे ये जो जैसा करेगा वैसा भरेगा
आज हसे दुनिया चाहे कल वैसा ही देख भरेगा।।

मेरी खामोशी को दुनिया , मेरी कमजोरी मान लेना
वक्त , वक्त कि बात है , जो बोएगा वही पाके रहेगा।।

आज लाठी तेरे हाथ में, होगी कल लाठी मेरे हाथ में
यही तो वक्त का चक्र है , जो फिर-फिर चलता रहेगा।।

सच्च कि जुबां कब तलक कोई बंद कर सकता
सच्च कड़वा ही सही पर , सच्च सदैव विजयी रहेगा।।

उसके दर पर जो श्रद्धा संग शीश झुकाता मानव
उसके पताके में जीत का ही रंग , रब ही तो भरेगा।।

दुनिया का दस्तूर हे ये जो जैसा करेगा वैसा भरेगा।।२।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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