साहित्य

झारखंड के देवघर में त्रिकूट रोपवे हादशा-रेस्क्यू मिशन

डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव

तेज हवा है नीचे खांई ऊपर फंसी जिंदगी।
45घंटे से लगी है सेनाएं कैसे बचें जिंदगी।

रविवार सायं से त्रिकूट रोपवे पे हैं लोग।
भूखे प्यासे तड़फ रहे जीवन को हैं लोग।

दुनिया का सबसे ऊँचा है ये त्रिकूट रोपवे।
सैलानी आते जाते हैं आनंदित होने रोपवे।

43लोग गए बचाए अभी फंसे हैं
3लोग।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मरे हैं
2लोग।

एक की रेस्क्यू ऑपरेशन में भी गई
जान।
एक की रोपवे ट्राली में ही चली गई जान।

बड़े भाग्यशाली हैं वे जिनको मिली
जिंदगी।
बड़े दुर्भाग्यशाली थे वे जिनकी गई
जिंदगी।

जमीं से 1500 फिट ऊँचे चॉपर में
जवान।
आईटीबीपी एनडीआरएफ सेना के
जवान।

देवघर-झारखंड के त्रिकूट पर्वत के
रोपवे।
अभी फंसे हैं ट्राली में जो स्त्री पुरुष
रोपवे।

चल रहा रेस्क्यू मिशन ऑपरेशन ये
अभी।
उन्हें बचाने को जो केबिन ट्राली में
अभी।

ईश्वर करे सुरक्षित नीचे आ जाएं ये
सभी।
शेष 3लोगों को भी बचाएंगे ये सभी।

सेना एनडीआरएफ पर्यटकों को है
बधाई।
जीवन पर खेल जीवन को बचाया
बधाई।

धन्यवाद जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन
टीम।
आदर के सुपात्र होते सदा ये राहत
टीम।

रचयिता :

डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पीबी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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