साहित्य

तेरी याद आई


*
याद तेरी जब जब आई है
मन उनके सँग मुस्काया

कभी नहाऊं चाँदनी छत की
कभी गिनूं तारों की बारात
जब जब मेरा दिल भर आया
मिली मुझे दुःख की सौगात
छुप छुप बहते नयन द्वार से
अश्रुदल ने खूब रुलाया
याद तेरी जब जब आयी
मन उनके सँग मुस्काया

भले मिले मावस की रातें
मैंने तो पूनम है जाना
तुमने प्रीत का दीप बुझाया
मैंने तो अपना है माना
जब जब गायी गीत खुशी के
आहत मन ने मुझे सताया
याद तेरी जब जब आयी है
मन उनके सँग मुस्काया

बहुत याद आते हो तुम तो
दिन कटती नहीं कटती रैना
जब जब रहूँ मैं तन्हाई में
मिलती नहीं अरमां को चैना
बिखर रहे सपने चुन चुन के
विरहिणी होती मन की काया
याद तेरी जब जब आयी है
मन उनके सँग मुस्काया

याद तेरी जब जब आयी है
मन उनके सँग मुस्काया
★★★★★★
मधुबाला सिन्हा

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