साहित्य

त्यौहार

त्यौहारों का देश है भारत , त्यौहार है भारत की शान।
एकता और भाईचारा लाते, विश्व में बढ़ाते भारत का मान।
होली रंगो को बिखेरतीहै, समानता का सन्देश ये देती है।
रंग जाओ प्रेम के रंगो से,जाती धर्म से परे, सबको एक सा करती है।
दिवाली पर्व है दीपों का, कहता ना तो घबरा अमावस के अंधियारे से।
जला दीपों को, कर जग को रोशन,विश्राम तो पा तनावों से।
जब मानते ईद हम भारत में, है लगता इक अलग नज़ारा है।
हिन्दू मुस्लिम का भेद नहीं,यहाँ रहता भाईचारा हैं।
गुरुपर्व मानते है हम जब, श्रद्धा से मस्तक झुक जाता।
हो गुरुद्वारा, चर्च,मंदिर या मस्जिद, सबको सज़दा करने का मन करता
माना विकसित नहीं, विकासशील है, हमारा भारत और हम सब।
पर फिर भी जग में अलग पहचान है
भूल जाते संघर्ष,दुःख,परेशानियां,और मनाते हर्षोल्लास से तीज-त्यौहार
हमें मनचाहे पकवान जो खाने है

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक

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