साहित्य

दीपावली

विजया गुप्ता

जगमग-जग आओ दीप जलाएं
तिमिर धरा का सब दूर भगाएं।

माटी का यह नन्हा सा दीया
जलेगा रात भर व्रत उसने लिया
उर में ले स्नेह कर रहा प्रकाश
होगा दूर तम है पक्का विश्वास

आलोकित होंगे भवन-वीथियॉ
दीपों की जब सजेंगी पंक्तियॉ
रोशनी के चहुं ओर फूल खिलेंगे
हिलमिल कर फिर सब गले मिलेंगे

गगन के तारों से करने होड़
जल रहे हैं अपना सबकुछ छोड़
होगा दूर अमां का अंधियारा
जगमगाएगा जब जग यह सारा

हर डगर-डगर सब पहर -पहर
झिलमिल- झिलमिल हैं नगर-नगर
स्वागत करें हम ज्योति पर्व का
लहराता उर‌ में सागर हर्ष का

जगमग-जग आओ दीप जलाएं
तिमिर धरा का सब दूर भगाएं।

विजया गुप्ता,,,मुजफ्फरनगर, उ,,प्रदेश
9457689457

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