साहित्य

दीपों का त्यौहार दीपावली

धर्मेश जोशी

 
    

दीपावली का शुभ दिन आया,
हर्षोल्लास का दिन जीवन में लाया।।
खुशियां मनाते सब घरों को सजाया,
जगमग,गांव,शहर जगमगाया।।

कूड़ा-कचरा के साथ मन को भी पावन कर डाला,
दीपावली का त्योहार सबसे निराला।
साफ स्वच्छता का त्योहार हमारा,
घर को मंदिर सा सजाया।।

हर घर दीपों की ज्योति से जगमगाया,
आपस के बैर को भुलाया।
एक दूसरे को गले से लगाया,
साथ मिलकर दीपावली का त्योहार मनाया।।

लक्ष्मी गणेश को घर में लाया,
नए-नए वस्त्र आभूषण लाया।
तरह-तरह के मिष्ठान पकवान बनाया,
प्रसन्न मन से यह त्योहार मनाया।।

  • प्रमाणित किया जाता है कि प्रस्तुत कार्य मौलिक एवं अप्रकाशित है
    धर्मेश जोशी
    पंचमहाल गुजरात
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