कवितासाहित्य

देवी गीत

अनुराधा प्रियदर्शिनी

हे जगदम्बा हे दुर्गा अम्बे दर्शन दो इक बार
बड़ी आस लिए द्वार तिहारो आई दर्शन दे दो इक बार
तुम ही जग की पालनकर्ता जग की माता जगदम्बा हो
माया तुम्हारी अपरम्पार है तुम्हारी लीला तुम ही जानो
हे दुर्गा हे अम्बे मैय्या सुन लो मेरी पुकार दर्शन दे दो इक बार

अरज सुनो हे अम्बे गौरी दर्शन दे दो इक बार
विपदा आन पड़ी भारी है मझधार पड़ी मेरी नैय्या है
भक्ति भाव से तुमको पुकारूं कर दो बेड़ा पार हे अम्बे मैय्या
बड़ी दयालु और कृपालु मैय्या मेरी जगदम्बा हैं सुन लो मेरी पुकार
हे अम्बे हे जगदम्बे दर्शन दे दो इक बार

लाल चुनरिया लेकर आयी संग में नारियल भी मैं लायी
लाल पुष्प मैं लायी हूँ मैय्या कर लो तुम स्वीकार मैय्या दर्शन दो इक बार
मैं बालक तेरी हूँ माता चरणों में दे दो स्थान हे अम्बे गौरी
पूजन विधि मैं कुछ न जानूं क्षमा करो हे मात भवानी

अनुराधा प्रियदर्शिनी
प्रयागराज उत्तर प्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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