कवितासाहित्य

ध्यान साधना

__©®पूजा शर्मा
जिला विदिशा, मध्यप्रदेश

हे ! साथ लाये योग साधना है लाये
ऋषियों मुनियों की ध्यान साधना हम प्रयास करें आज पृथ्वी पर अलख जगाने की
आओ हम योग साधना मिलकर करें

रखें ध्यान अपना
यह है सबसे कहना
हम नित नई ऊर्जा से है खिलना
पाचनतंत्र का भी ध्यान है रखना

सुबह की लालिमा ऊषा नूतन
चिड़ियों का चह चह करना
योग साधना मुद्रा का आज स्थान ग्रहण है करना
शरीर स्वस्थ से ही समपन्न है परिवार रखना

रखें ध्यान अपना
योग साधना कभी पेडों की छाया मे कभी आंगन मे योग साधना करना
दो मिनट करना पर करना

हर हाल कर योग साधना करना
नीचे ऊंचे होगें हर रोग दूर होगें
मानवजीवन जन जन तक फहलाना
रखें ध्यान अपना योग साधना है करना

स्वरचित रचना ,अप्रकाशित

©®पूजा शर्मा
जिला विदिशा, मध्यप्रदेश

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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