साहित्य

नव साहित्य परिवार भारत “नव साहित्य” पत्रिका का डा.सुनील थपलियाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया विमोचन

साहित्यिक पटल ‘नव साहित्य परिवार भारत’ के “नव साहित्य” ई मा. अंक 2 का आनलाइन विमोचन वरिष्ठ चिंतक, प्रखर वक्ता, संचालक, कवि/साहित्यकार,और आवाज साहित्यिक संस्था के संयोजक डा.सुनील दत्त थपलियाल के कर कमलों द्वारा नवरात्रि की नवमी तिथि 14.10.2021 को भक्तिभाव और गरिमामय माहौल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ।
विमोचन के अवसर पर डा. थपलियाल जी ने नव साहित्य परिवार भारत और उसके संस्थापक/ संपादक आ. अमित बिजनौरी की सराहना करते हुए उनके श्रम, समर्पण और नवीनता की सराहना की और उनकी दूरगामी सोच को अनूठा बताया।मंच के संरक्षक आ. सुधीर श्रीवास्तव की भी उन्होंने खुले मन और शब्दों से तारीफ की और कहा कि श्री श्रीवास्तव का साहित्य के प्रति समर्पण और निश्छल भाव, सभी के प्रति सहयोगात्मक निःस्वार्थ योगदान सराहनीय है। मंच और पत्रिका के पदाधिकारियों का भी उन्होंने सार्थक और स्वीकार्य प्रयास के लिए हौसला अफजाई भी की।
मंत्रोच्चार के साथ विमोचन की शुरुआत के साथ उन्होंने पत्रिका के आवरण से लेकर हर पृष्ठ, सामग्री पर विस्तार से प्रकाश डाला और पत्रिका की गुणवत्ता की सराहना करते हुए जहां संपादक मंडल का मनोबल बढ़ाया और देश, विदेश के शामिल रचनाकारों को उत्तम रचनाओं के लिए साधुवाद किया और उनकी रचनाओं पर अपने संक्षिप्त विचार भी प्रकट किए।
नव साहित्य परिवार भारत की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नौ माह मात्र का यह पटल/परिवार जिस प्रखरता से अपनी छाप छोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है, उससे साफ दिखता है आ. बिजनौरी जी और आ. श्रीवास्तव जी अद्भुत सामंजस्य अपने हर लक्ष्य को निश्चित ही प्राप्त करेगा। महासचिव डा. मोहित कुमार, आ. हँसराज सिंह हँस और अन्य सहयोगियों की भी उन्होंने दिल खोलकर प्रशंसा की।

  

विमोचन के अवसर पर संरक्षक आ.सुधीर श्रीवास्तव जी, संस्थापक/संपादक आ.अमित बिजनौरी जी, महासचिव डा. मोहित कुमार जी ,.सलाहकार आ. नरेश द्विवेदी शलभ जी,निदेशिका आ. ममता मनीष सिन्हा,संगीता चौबे पंखुड़ी(कुवैत), आ.हंसराज सिंह हंस, महेंद्र सिंह राज, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, बेलीराम कंसवाल, नंदिनी लहेजा, अंशी कमल, ममता जोशी स्नेहा, कंचन कनक, माधुरी निगम, गुस्ताख हिंदुस्तानी, एम. एस. अंसारी सहित अनेकों कवि/कवयित्रियों, साहित्यकारों की गरिमामय उपस्थित ने पटल परिवार के हौसले को मजबूती प्रदान की और उत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में संरक्षक आ. सुधीर श्रीवास्तव ने डा. सुनील दत्त थपलियाल जी का विमोचन कर पटल को गौरव प्रदान करने और मनोबल बढ़ाने, उत्साहित करने, सभी उपस्थिति साहित्य मनीषियों का नव साहित्य परिवार भारत की ओर से आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद किया और विश्वास दिलाया कि नव साहित्य ई मा. के हर अंक के साथ कुछ न कुछ नया करने का प्रयास जारी रहेगा।

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