साहित्य

पंच दिवसीय दीपपर्व

विनीता चौरासिया

दीपों से आगाज़ हुआ और टीके ने अंजाम दिया
पंचदिवसीय दीपपर्व ने खुशी खुशी सम्मान दिया

जग अंधियारा दूर हुआ जब हृदय नेह के दीप जले
द्वेष दिलों से दूर हुआ जब एक दूजे के गले मिले
देकर मीठे बोल सभी ने ममता का पैगाम दिया
पंचदिवसीय दीपपर्व ने खुशीखुशी …..

रोतों को हंसाने आया है बिछुड़ों को मिलाने आया है
हम सबको एक दूजे से सम्मान दिलाने आया है
जो जन मन में उमंग जगाये उनको दीपों का नाम दिया
पंचदिवसीय दीपपर्व ने खुशीखुशी….

दीपों से आगाज हुआ और टीके ने अंजाम दिया
पंचदिवसीय दीपपर्व ने खुशीखुशी सम्मान दिया ।

विनीता चौरासिया
शाहजहाँपुर उ.प्र.

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