कवितासाहित्य

परिवार

घर छोटा हो या बड़ा आपस में प्यार होना चाहिए,
पैसा भले ही थोड़ा हो पर परिवार में एक दूसरे की
भावनाओं का ख्याल होना चाहिए,

हर दिल में एक दूसरे के लिए प्यार होना चाहिए,
सबके अंदर मुहब्बत लगातार होना चाहिए,

चाहिए परिवार में अमन,चैन,सुकून की ही बात हो,
कभी टकराओ पूर्ण नहीं बात होनी चाहिए,

कर्तव्य निभाए तभी अधिकार होना चाहिए,पतझड़
नहीं हर परिवार में खुशियों का बाहर होना चाहिए,

हर व्यक्ति में मानव का संचार चाहिए,
बस आपस में प्रेम भरा व्यवहार चाहिए,

चाहिए भावना संवेदना का ज्वार परिवार के हर
व्यक्ति के दिल में,चाहिए नैतिकता से हर किसी का
लगाव,

हर व्यक्ति के जीवन से दूर हो संकट,नफरत की
ना हो कोई जगह ऐसा परिवार होना चाहिए।

कभी ना टूटे परिवार के लोगों में वो विश्वास वो
ऐतबार चाहिए,भरी हुई रिश्तों के बीच नहीं कोई
दरार चाहिए।

एक छत तले बसता पूरा परिवार चाहिए,
चाहिए हमको मुहब्बत से भरपूर पूरा परिवार चाहिए,
स्वर्ग से भी सुंदर हो ऐसा परिवार चाहिए,

लेखिका मनीषा झा
सिद्धार्थनगर
यूपी

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Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

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