साहित्य

पर्यावरण दिवस

डॉ रमेश कटारिया पारस

जीना है यदि चैन से तुमको पर्यावरण बचाये रखना
अपनें आसपास का मित्रों वातावरण बचाये रखना

पेड़ पौधों और पानी से ही ये जीवन जीवन है यारो
हर सम्भव कोशिश करना ये आवरण बचाये रखना

आ मत जाना लालच में ना कोई समझौता करना
ऐसे मौसम में भी अपना अन्तःकरण बचाये रखना

प्रदूषण भरा है आसपास का सारा वातावरण अभी
इस वातावरण का मित्रों अंधानुकरण बचाये रखना

काँटों भरी है डगर जीवन की इतना तो हम जानते हैं
जीवन में खुशियों का पारस संचरण बचाये रखना

डॉ रमेश कटारिया पारस

50% LikesVS
50% Dislikes

Shiveshwaar Pandey

शिवेश्वर दत्त पाण्डेय | संस्थापक: दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह | 33 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय | समसामयिक व साहित्यिक विषयों में विशेज्ञता | प्रदेश एवं देश की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं मीडिया संस्थाओं की ओर से गणेश शंकर विद्यार्थी, पत्रकारिता मार्तण्ड, साहित्य सारंग सम्मान, एवं अन्य 200+ विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मानित |

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Content is protected !!