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प्यार और नफरत

__मुस्कान केशरी
मुजफ्फरपुर बिहार
एम एस केशरी प्रकाशन की संस्थापक

प्यार……………………………..,
प्यार भी क्या गजब का होता हैंं ना,
बहुत खास सा एहसास होता हैं ना ,
दिल कें बहुत पास होता हैं ना ,
सपनें बहुत सा दिखाता हैं ना,
उसे खोने का डर सताता है ना,
पढ़ाई कों छोड़वा देता है ना,
नौकरी सें ज्यादा उससे बात करने की चाहत पैदा करता हैं ना,
दिनभर बस अपने प्यार की याद आती है ना,
प्यार घर में दस बात सुनवाता हैं ना,
फिर भी बात करने का दिल करता है ना,
सच्चा प्यार बहुत कम कों होता हैं ना,
और जिसे होता हैं ना,
वों इस दुनिया का सबसे खुशकिस्मत होता हैं ना,

और

नफरत…………………………..,
नरफत प्यार सें ज्यादा गजब का होता हैं ना,
बहुत दर्द देता हैं ना,
फिर हिम्मत दे जाता है ना,
किसी कों खोने का डर नहीं सताता है ना,
दिल कें जों पास था कभी वों दुर होता है ना,
सपनें सब टुट जातें हैं ना,
पढ़ाई में फिर दिल लगता हैं ना,
दिनभर बस सफलता पाने की चाह होती है ना,
किसी सें बात करने का दिल नहीं करता है ना ,
नफरत प्यार सें ज्यादा अच्छा होता हैं।।

मुस्कान केशरी
मुजफ्फरपुर बिहार
एम एस केशरी प्रकाशन की संस्थापक

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कुमार संदीप

अध्यापक सह लेखक । निवास स्थान- सिमरा(मुजफ्फरपुर) बिहार । विभिन्न साहित्यक पत्र पत्रिकाओं में निरंतर रचना प्रकाशन । कई साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित । वर्तमान में ग्रामीण परिवेश में अध्यापन कार्य सहित दि ग्राम टुडे मासिक व साप्ताहिक ई पत्रिका के अलंकरण का कार्य।

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